संभल, अगस्त 29 -- एक ओर जहां किसान बंपर फसल की उम्मीद में खेतों की देखरेख में जुटे थे, वहीं अब "पीले कंडवा" (हल्दी रोग) ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। मौसम के बदले मिजाज ने इस फफूंदजनित रोग को और भी आक्रामक बना दिया है। धान की हरी-भरी फसल की बलियां पीली पड़ती जा रही है, जिससे किसानों में बेचैनी बढ़ गई है। धान की बालियों पर हल्दी जैसे पीले धब्बे पड़ने लगे हैं, जो धीरे-धीरे पूरी बाली को जकड़ते जा रहे हैं। खेतों में खड़े किसान अब खेत देखने नहीं, फसल को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। गांव-गांव में कंडवा रोग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह रोग प्रायः अधिक नमी और अस्थिर तापमान के चलते फैलता है। बारिश और उमस के कारण इस बीमारी ने जोर पकड़ लिया है।
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