गिरडीह, नवम्बर 23 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। पारसनाथ की गोद में बसे आदिवासी बाहुल्य गांव में मूलभूत सुविधाएं भी मयस्सर नहीं है। ग्रामीणों को लिए गांव तक जाने के लिए एक अदद सड़क भी नसीब नहीं है। ग्रामीणों को पगडंडियों के सहारे आना जाना करना पड़ता है। बड़े वाहनों की पहुंच दूर की बात है, गांव तक बाइक की सवारी भी मुश्किल भरा काम है। विभिन्न टोला में रहनेवाले ग्रामीणों को रोज इन परेशानियों से जूझना पड़ता है। ज्ञात रहे कि सम्मेदशिखर पारसनाथ की धरती मधुबन विश्वविख्यात है। सरकार से लेकर संस्थाओं की नजरें मधुबन पर टिकी है। तीर्थयात्रियों के लिए तमाम सुविधाओं पर बात की जाती है पर पारसनाथ की गोद में बसे आदिवासी बाहुल्य गांव विकास से कोसों दूर है। पारसनाथ पहाड़ के पूर्वी इलाके में बसा विभिन्न टोला में विभक्त गांवों में बुनियादी सुविधा भी नहीं है। सड़क के अभाव ...