कानपुर, अक्टूबर 6 -- कानपुर देहात, संवाददाता। सिकंदरा- कानपुर हाई वे पर स्थित बारा गांव में लाखों की लागत से करीब छत्तीस साल पहले बना रोडवेज बस स्टेशन खंडहर में तब्दील हो गया है। बाईपास बनने के बाद यहां बसों का आना बंद होने से उपयोग हीन हो चुके इसके जर्जर भवन में अभी पुलिस चौकी का संचालन हो रहा है। पिछले साल इस बस स्टेशन को पीपीपी मॉडल के तहत विकसित कराने की अफसरों ने कवायद शुरू की थी, लेकिन अभी तक इसको हरी झंडी मिलने का इंतजार है। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव निवासी तत्कालीन एमएलसी शफीक अहमद तातारी के प्रयास से 1972 में लोगों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने के लिए बारा में बस स्टेशन स्वीकृत हुआ था। उस समय लाखों की लागत से बने इस बस स्टेशन में करीब एक दशक तक झांसी, इटावा कानपुर से आने जाने वाली बसों का ठहराव होता रहा। लेकिन 1982 ...
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