नई दिल्ली, दिसम्बर 27 -- सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म में एक आदमी की सजा इसलिए रद्द कर दी कि शिकायतकर्ता और दोषी ने एक-दूसरे से शादी कर ली है। अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सहमति से बने रिश्ते को गलतफहमी के कारण आपराधिक रंग दिया गया था। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि जब यह मामला शीर्ष अदालत के समक्ष आया, तो मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद, हमें यह अंतर्ज्ञान हुआ कि यदि अपीलकर्ता और प्रतिवादी पीड़िता एक-दूसरे से शादी करने का फैसला करते हैं तो उन्हें एक बार फिर से एक साथ लाया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों ने इस साल जुलाई में एक-दूसरे से शादी कर ली थी और तब से वे साथ रह रहे हैं। पीठ ने 5 दिसंबर के अपने फैसले में कहा कि यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है जहां, इस अदालत के दखल से, यहां अपीलकर...