लखनऊ, अगस्त 26 -- इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की नवीन तकनीक आने से गुर्दा, लिवर, हार्ट, ब्रेन के गंभीर रोगों का इलाज आसान हुआ है। स्ट्रोक, मस्तिष्क रक्तस्राव और रक्त वाहिकाओं में रुकावटों का उपचार क्रायोएब्लेशन आदि तकनीक से बिना सर्जरी के इलाज संभव है। लिवर और स्तन में न्यूनतम इनवेसिव ट्यूमर उपचार शुरू होगा। यह जानकारी पीजीआई के रेडियोडायग्नोसिस विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने संस्थान में आयोजित इजरमेंसी रेडियोलॉजी सोसाइटी के 12वें वार्षिक सम्मेलन में दी। डॉ. अर्चना ने लीवर और स्तन के ट्यूमर में कारगर क्रायोएब्लेशन आदि तकनीकें साझा की। इसमें मरीजों को बड़ी सर्जरी की ज़रूरत नहीं पड़ती। दर्द व अस्पताल में भर्ती रहने का समय कम हो जाता है। रोगी जल्दी ठीक होता है। सम्मेलन का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमान ने किया। उन्होंने विभाग...
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