लखनऊ, फरवरी 21 -- पीजीआई के डॉक्टर अब गर्भ में ही शिशुओं में होने वाली जन्मजात गंभीर रोगों का ऑपरेशन कर सकेंगे। इससे इन शिशुओं में जन्म के बाद होने पर दिव्यांगता समेत दूसरे जोखिमों की गुंजाइश कम होगी। इसके अलावा लड़कों के जन्मजात पेशाब की नली की रुकावट और एक ही गर्भनाल से जुड़े जुड़वां शिशुओं का इलाज लेजर तकनीक से होगा। यह जानकारी शनिवार को पीजीआई के मैटरनल एंड रिप्रोडक्टिव हेल्थ की विभागाध्यक्ष डॉ. मंदाकिनी प्रधान ने एमआरएच विभाग के 17 वें स्थापना दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में साझा की। डॉ. प्रधान ने बताया कि गर्भ में शिशु के मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी के गंभीर रोगों की फीटल सर्जरी की जाएगी। ये सुविधाएं एक वर्ष के भीतर शुरू की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष और पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन ने समारोह का उद्घाटन किया। सं...