बगहा, जनवरी 19 -- जिले में नल-जल योजना का खस्ताहाल है। कहीं टंकी खराब है, तो कहीं पाइप में लीकेज है। नल गायब है तो कहीं बिजली के अभाव में मोटर नहीं चल रहा है। मेंटेनेंस नहीं होने से 60 फीसदी से ज्यादा हर घर नल बेकार पड़े हुए हैं। ऑपरेटरों का कई वर्षों से मानदेय बाकी है। इसकेे कारण इसकी सही देख-रेख नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल के लिए हर घर नल योजना कारगर साबित हुई थी। नियमित रूप से मॉनिटरिंग नहीं होने से 60 फीसदी से ज्यादा योजनाएं बंद पड़ी हुई हैं। पहले योजना पंचायती राज व्यवस्था के अधीन थी। दो वर्ष पूर्व बेहतर संचालन के लिए पूरे सिस्टम को विभाग ने पीएचईडी के हवाले कर दिया। सरकार का मानना था कि पंचायत से बेहतर सुविधा पीएचईडी के द्वारा आम लोगों को मिलेगी। लेकिन स्थिति यह है कि जो सुविधा पंचायती राज अधीन लोगों को मिलती थ...