देवघर, नवम्बर 15 -- देवघर। देवघर के कोठिया मैदान में अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शुक्रवार को शिव महापुराण कथा का मंगलाचरण के बाद झारखंड की जीजियों, बंगाल की बहनों और छत्तीसगढ़ की भांजियों को संबोधित करते हुए कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने बाबा वैद्यनाथ की नगरी देवघर की महिमा बखान करते हुए कहा कि भारत का इकलौता स्थान यह है जिसका नाम देवघर है। उन्होंने यह भी कहा कि यह नामकरण इसलिए हुआ है कि क्योंकि यह स्थान 33 कोटि देवी-देवताओं का वास स्थल है। देवघर का मतलब ही देवों का घर है। उन्होंने कहा कि देवघर का ज्योतिर्लिंग अद्वितीय है, क्योंकि यहां जगत के माता और पिता भगवान शिव और शक्ति स्वरूपा माता सती एक साथ विराजमान हैं। यह इकलौता ज्योतिर्लिंग है, जहां माता सती के साथ भगवान शिव विराजमान हैं। कथा वाचक ने कहा कि यही कारण है कि यहां ...