अररिया, सितम्बर 16 -- चन्द्रमंडीह । अपने कुल खानदान के पितरों की मुक्ति व तृप्ति के लिए पितृपक्ष में श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान करना चाहिए, जिससे पितृदोष से मिलती है छूटकारा एवं वंश कुल की होती है बृद्धि। उक्त बाते रामचंद्रडीह पंचायत के हेठचकाई निवासी पंडित अनिल मिश्रा ने कही। श्री मिश्रा ने बताया की अपने पूर्वजों को पितृपक्ष में तर्पण , श्राद्धक्रम, पिंडदान करने से हमारे स्वर्गवासी पितृ गणों को तृप्ति मिलती है और फ्लस्वरूप हमें आशीर्वाद प्राप्त होती है। ऐसी मान्यता है की पितृपक्ष में सभी पितृगण पृथ्वीलोक में निवास करते हैं और वह उम्मीद करते हैं की उनके कुल के वंशज उनके नाम से श्राद्ध, पिंडदान, तर्पण करे जिससे पितृगण तृप्त होवे । इस वर्ष पितृपक्ष दिनांक 8 सितंबर से प्रारंभ होकर 21 सितम्बर रविवार को समाप्त होगी। पितृ तर्पण पद्धति के अनुसार ति...
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