अररिया, फरवरी 8 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। सड़क हादसे में 16 वर्षीय 10वीं का छात्र अमन मिश्रा की मौत से न केवल इंदिरा नगर का मुहल्ला बल्कि पूरा जोगबनी स्तब्ध है। शुक्रवार की सुबह से ही पीड़ित पत्रकार पिता वरुण मिश्रा के घर सांत्वना व मातम पुर्सी करने वालों की होड़ लगी है। बॉर्डर के दोनों ओर वरुण की अच्छी पैठ के कारण भारत नेपाल के लोगों में भेद नहीं रह गया है। एक टक निहारते पिता वरुण एवं बेसुध मां के जुवान पर आने वाले लोगों से बस एक ही शब्द कि आखिर उनका कसूर क्या है । पिता को यह हादसा बर्दाश्त नहीं है। और हो भी क्यों। एक बाप के कंधे पर बेटे का लाश को आखिर कौन बर्दाश्त कर सकता है। वरुण कहते हैं कि उनका बेटा अमन तो परीक्षा की तैयारी कर रहा था। तीन दिनों से घर से ही नहीं निकला था। बस एक दोस्त का मनहूस कॉल आया और अमन घर से निकल गया। जब तक कि उस...
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