गोरखपुर, सितम्बर 7 -- गोरखपुर। पितरों को समर्पित पवित्र पर्व पितृपक्ष 7 सितंबर से प्रारंभ होकर 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या व पितृ विसर्जन तक चलेगा। 16 दिनों की इस अवधि में सनातनी अपने दिवंगत पितरों की मृत्यु तिथि पर श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान कर पुण्य अर्जित करेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र उपध्याय ने बताया कि आश्विन कृष्ण पक्ष 8 सितंबर से शुरू हो रहा है, लेकिन श्राद्ध का कार्य भाद्रपद पूर्णिमा 7 सितंबर से ही आरंभ माना जाता है।
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