पटना, जून 21 -- पिछले साल जहां-जहां तटबंध टूटे या क्षतिग्रस्त हुए थे, वहां विशेष निगरानी की जाएगी। वहां नियुक्त अभियंताओं को 24 घंटे चौकसी के लिए कहा गया है। जल संसाधन विभाग ने इस संबंध में सभी क्षेत्रीय अधिकारियों व वरीय अभियंताओं को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। विभाग ने सभी अभियंताओं से कहा है कि किसी सूरत में इस स्थानों को लेकर सुस्ती नहीं होनी चाहिए। दरअसल, बीते साल नदियों में अप्रत्याशित पानी आने से काफी परेशानी हुई थी। गंडक, कोसी और सोन नदी में रिकॉर्ड पानी आया। सूबे में 26 स्थानों पर नदियों में हुए कटाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए थे। इनमें बागमती नदी में ही पांच स्थानों पर तटबंधों को भारी क्षति हुई थी, जबकि गंडक में दो स्थानों पर तटबंध टूटे थे। हालांकि, बड़ी संख्या में नदियों का पानी तटबंध को ओवरटॉप कर गया था और उसके ऊप...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.