लखीमपुरखीरी, जून 30 -- कुकरा इलाके में बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा है, पर बाघ पिंजरे तक गया लेकिन पिंजरे में मौजूद शिकार पर हमला नहीं किया। वन विभाग की टीम ने इस बार मचान नहीं बल्कि पेड़ पर बैठ कर निगरानी की रणनीति बनाई है। रविवार को पिंजरे के आस पास बाघ के पग चिन्ह मिले हैं। मैलानी, गोला वन क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिम बीट में बाघ के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन क्षेत्र मैलानी की ढाका, हरदुआ, गोला क्षेत्र के रत्नापुर के आसपास बाघ की चहल कदमी कई माह से चल रही है। कई पालतू जानवरों को अपना शिकार बन चुकी है। एक सप्ताह पहले रत्नापुर मोड़ के निकट खेत में घास काटते समय कुकरा निवासी प्रदीप पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था जिसकी इलाज के दौरान लखनऊ मौत हो गई थी। उसके बाद किसान जगतार सिंह के घर में घुसकर बंधी पडिया और हरपाल सिंह की बछ...
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