लखनऊ, फरवरी 24 -- - विधान सभा में पेश किया गया पावर कॉरपोरेशन का वार्षिक प्रतिवेदन लखनऊ, विशेष संवाददाता पावर कॉरपोरेशन की ऑडिट रिपोर्ट देर से दाखिल करने और कंपनी सचिव की तैनाती न होने की वजह से पावर कॉरपोरेशन पर बीएसई ने तकरीबन साढ़े पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। विधानसभा में पेश किए गए पावर कॉरपोरेशन के वार्षिक प्रत्यावेदन में इसका खुलासा हुआ है। वर्षिक प्रतिवेदन साल 2023-24 के लिए था। मार्च 2024 में समाप्त तिमाही के लिए बीएसई के साथ फाइलिंग में देरी के लिए बीएसई ने 1,59,300 रुपये का जुर्माना लगाया था। पावर कॉरपोरेशन ने परिसंपत्तियों और देनदारियों का ब्योरा और नकदी प्रवाह तय समय में बीएसई के साथ साझा नहीं किया था। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने जुर्माने के संबंध में दिए गए जवाब में कहा है कि पांच डिस्कॉम में 814 लेखा इकाइयां हैं। सभी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.