लखनऊ, नवम्बर 8 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने शनिवार को विद्युत अधिनियम संशोधन बिल के प्रारूप पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा दी हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन ने कहा कि यह मसौदा उसी तरह बिजली कंपनियों को बर्बाद कर देगा, जैसे बीएसएनल को किया गया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू नहीं है और इस तरह से निजीकरण करके आरक्षण समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। संगठन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यह मसौदा केवल निजीकरण को बढ़ावा देने वाला है। ऊर्जा मंत्रालय आपत्तियों पर विचार करके ऐसे संशोधन प्रस्ताव लाए जिससे विद्युत क्षेत्र की सार्वजनिक प्रकृति, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व सुरक्षित रह सके।

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