एटा, जनवरी 9 -- करीब 24 वर्ष पहले शहर में हुए पालिकाध्यक्ष अनुपम अड़गा हत्याकांड में शुक्रवार को निर्णय सुनाया गया। साक्ष्यों के अभाव में सभी को बरी कर दिया गया। इस हत्याकांड में एक घायल हो गया था। लगतार चली सुनवाई में सिर्फ घायल ने ही गवाही दी। शेष अन्य गवाह घटना की पुष्टि नहीं कर सके। मामले की सुनवाई जिला जज के न्यायालय में चल रही थी। कोतवाली नगर में 24 अप्रैल 2002 को आलोक गुप्ता पुत्र कैलाशचंद्र की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें 24 अप्रैल की सुबह नौ बजे पालिकाध्यक्ष अनुपम कुमार गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता, संजीव कुमार गुप्ता एवं मुकेश कुमार के साथ रोजाना की भांति बाइक पर सवार होकर शहर की सफाई व्यवस्था देखने के लिए निकले थे। जैसे ही शहर के प्रेम नगर चौराहा पर पहुंचे तो विजितेंद्र गुप्ता, राहुल गुप्ता, राघवेंद्र उर्फ राघव, ज्ञानेश्वर...
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