जमशेदपुर, मई 20 -- जुगसलाई स्थित पार्वती श्मशान घाट में अब लकड़ी के फर्नेस के जरिए शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिससे लकड़ी की खपत में भारी कमी आएगी। श्मशान घाट समिति के सचिव दीपेन्द्र कुमार भट्ट ने बताया कि झारखंड में पहली बार लकड़ी से शव को जलाने के लिए फर्नेस तैयार किया जा रहा है। इसके लिए गुजरात से तकनीशियन को बुलाया गया है, जो दो दिनों से सात लाख रुपये की लागत से फर्नेस निर्माण में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि परंपरागत तरीके से खुले में शव जलाने पर लगभग 200 से 250 किलो लकड़ी और ढाई घंटे का समय लगता है। वहीं फर्नेस बनने के बाद 80 किलो लकड़ी में ही शव एक घंटे में जल जाएगा। सचिव भट्ट के अनुसार, खुले में शव जलाने से लपटें हवा में फैलती हैं, जिससे लकड़ी अधिक जलती है। लेकिन फर्नेस में चारों ओर से बंद ढांचे में आग सीधे शव पर केंद्रित रहती...
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