गुमला, फरवरी 16 -- भरनो प्रतिनिधि। पारस जलाशय से निकली नहर की मरम्मत और मिनी नहर के पक्कीकरण कार्य में अनियमितता बरतने और समय पर पटवन नहीं किए जाने से किसानों में भारी रोष देखा जा रहा है। किसान सह पूर्व मुखिया मुकेश उरांव ने बताया कि नहर पिछले दो वर्षों से जगह-जगह टूट-फूट जाने के कारण आसपास के किसान ढंग से खेती नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरी में कई बार किसानों ने अपनी जेब से पैसा खर्च कर मरम्मत करवाई, लेकिन उसका कोई स्थायी लाभ नहीं हुआ।हाल में जब नहर मरम्मत का टेंडर हुआ और कार्य शुरू हुआ तो किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। लेकिन कार्य की गुणवत्ता देखकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। नहर स्थल पर पहुंचकर किसानों ने संवेदक से कड़ी आपत्ति जताई और काम की गुणवत्ता सुधारने की मांग की। किसानों का कहना है कि सीमेंट से किए जा रहे कार्य में पटवन बेहद जरूरी...