रांची, जनवरी 15 -- रांची, विशेष संवाददाता। जैनियों के तीर्थस्थल पारसनाथ पर्वत क्षेत्र को ईको सेंसेटिव जोन घोषित किए जाने के बावजूद खनन कार्य किए जाने पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। संस्था ज्योत की ओर से दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने राज्य सरकार को शपथपत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने सरकार से स्पष्ट रूप से यह बताने को कहा है कि जब क्षेत्र ईको-सेंसिटिव जोन घोषित है, तब वहां खनन कैसे हो रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि वर्तमान में खनन हो रहा है या नहीं, और यदि हो रहा है तो उसकी मात्रा कितनी है। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी। प्रार्थी बोला- खनन नियमों के विरुद्ध सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से पक्ष रखत...