समस्तीपुर, दिसम्बर 13 -- मशीन से बने गहनों की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। उपभोक्ता अब हल्के, आकर्षक और विविध डिजाइनों वाले गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो कम समय में और कम लागत में तैयार हो जाते हैं। बड़ी-बड़ी ज्वेलरी कंपनियां मशीनी उत्पादन से एक जैसे गहनों की श्रृंखला बनाकर बाजार में ला रही हैं, इससे पारंपरिक स्वर्णकारों की हस्तकला की मांग घट रही है। मशीनों द्वारा बनाए गए गहने ग्राहक को अधिक परष्किृत और ट्रेंडी लगते हैं। वहीं, हस्तनिर्मित गहनों को समय ज्यादा लगता है और उनकी लागत भी अधिक होती है। इस कारण छोटे कारीगरों को ऑर्डर नहीं मिलते, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा प्रभाव पड़ता है। वे प्रतस्पिर्धा में पिछड़ते जा रहे हैं और उन्हें अपना पारंपरिक व्यवसाय छोड़ने की नौबत आ रही है। स्वर्णकार कारीगर निशिकांत निर्मल कहते है कि पहले स्वर्णक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.