गाजीपुर, नवम्बर 19 -- गाजीपुर (खानपुर)। क्षेत्र के ईशोपुर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में बुधवार की राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने लोगों को प्रकृति आधारित जीवनशैली और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के महत्व से बताया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा विश्व की सबसे पुरानी स्वास्थ्य प्रणालियों में से एक है, जो पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. समीक्षा बरनवाल ने कहा कि नेचुरोपैथी का मुख्य सिद्धांत शरीर की अपनी उपचार क्षमता को सक्रिय करना है। इसके लिए आहार शुद्धि, नियमित व्यायाम, उपवास, जल चिकित्सा, वनस्पति चिकित्सा, होम्योपैथी और डिटॉक्स जैसे उपाय अपनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मानव शरीर प्रकृति के पांच तत्वों मिट्टी, जल, व...