संभल, दिसम्बर 8 -- कवि एवं साहित्यकार डॉ. सौरभ कांत शर्मा ने रविवार को रामभद्राचार्य के उस कथन पर आपत्ति जताई। जिसमें उन्होंने कहा था कि कंबोज का नाम मुगलों ने बदलकर एचौड़ा कम्बोह कर दिया होगा और यह संदर्भ महर्षि पाणिनि की अष्टाध्यायी के 175वें सूत्र से जुड़ता है। कि उक्त स्थान पंजाब से दक्षिण पूर्व में जहां दो गंगाओं का मिलन होगा वहां भगवान का जन्म होगा वर्णित है। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि अष्टाध्यायी व्याकरण का ग्रंथ है, न कि पौराणिक कथाओं का स्रोत। उन्होंने बताया कि जिस चतुर्थ अध्याय की चर्चा की जा रही है। उसमें तद्वित और तद्राज प्रत्ययों के नियम तथा उनसे बनने वाले शब्दों की व्याख्या शामिल है। जिनमें कंबोज शब्द अवश्य मिलता है, परंतु इसका कोई पौराणिक अर्थ नहीं निकाला जा सकता। डॉ. शर्मा ने कहा कि अष्टाध्यायी को जोड़कर यह दावा करना कि प...