नई दिल्ली, दिसम्बर 9 -- पाकिस्तान और 'विभाजन' शब्द सुनते ही सबसे पहले 1971 की याद आती है, जब इस्लामी गणराज्य दो टुकड़ों में बंट गया था और उसने अपना पूर्वी हिस्सा ( पूर्वी पाकिस्तान) हमेशा के लिए खो दिया। लेकिन आज हम जिस विभाजन की बात कर रहे हैं, वह बिल्कुल अलग तरह का विभाजन है। यह वह विभाजन है जिसे मौजूदा पाकिस्तानी हुकूमत अब खुलकर और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है। जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को पाकिस्तान के संघीय संचार मंत्री अब्दुल अलीम खान ने साफ कहा कि छोटे प्रांत जरूर बनाए जाएंगे और इससे शासन तथा सेवा वितरण में सुधार होगा। दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि प्रांतों का और टुकड़े-टुकड़े करना फायदे की जगह नुकसान ज्यादा हो सकता है। दरअसल, आजादी के बाद से ही पाकिस्तान में और ज्यादा प्रांत बनाने के प्रस्ताव पर बहस चलती रही ...