नई दिल्ली, मई 31 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को मजनू का टीला में पाकिस्तानी-हिंदू शरणार्थी शिविर को ध्वस्त करने से रोकने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में मांग की गई थी कि जब तक कि इस शिविर के निवासियों को वैकल्पिक भूमि आवंटित नहीं की जाती, तब तक ध्वस्तिकरण ना हो। न्यायालय ने शरणार्थियों के पुनर्वास की सुविधा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ जुड़ने के अपने ईमानदार प्रयासों को स्वीकार किया। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि शरणार्थी राहत के लिए नीति तैयार करना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा की पीठ ने फैसला सुनाया कि 12 मार्च, 2024 को जारी अंतरिम आदेश निरस्त माना जाता है। न्यायालय ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता रवि रंजन सिंह व अन्य का विचाराधीन क्षेत्र पर कब्जा जारी रखने का कोई अ...
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