नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- पाकिस्तानी प्रोफेसर इश्तियाक अहमद का कहना है कि जम्मू-कश्मीर पर भारत का वास्तविक हक है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने विभाजन के बाद जूनागढ़ रियासत पर दावा किया था, जो उसकी सीमा से 250 किलोमीटर दूर गुजरात में स्थित थी। उसका यह दावा था कि जूनागढ़ के शासक मुसलमान हैं और वह चाहते हैं कि पाकिस्तान में आ जाएं। इसलिए जूनागढ़ को पाकिस्तान में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही पाकिस्तान की गलती थी। जूनागढ़ में 91 फीसदी आबादी हिंदू थी और पाकिस्तान शासक के मुसलमान होने के नाम पर चाहता था कि उस हिस्से को अपने साथ मिला लिया जाए। अब यदि यही दलील जम्मू-कश्मीर में लागू की जाए तो पाकिस्तान का हक कैसे बनता है। उन्होंने एक पॉडकास्ट में कहा कि यही गलती पाकिस्तान की थी और जम्मू-कश्मीर के महाराज हरि सिंह ने तो बाकायदा विलय पत्र पर साइन करके...
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