मऊ, जून 23 -- मऊ। अब विवाह, मुंडन और उपनयन संस्कार सहित सभी मांगलिक कार्यों पर करीब पांच महीने तक विराम लग गया है। देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने से शुभ कार्यों पर यह रोक लगी है। 11 जून की शाम 6:55 बजे बृहस्पति के अस्त होते ही शुभ कार्यों का सिलसिला थम गया है। अब यह विराम 21 नवंबर तक रहेगा। हरि प्रबोधिनी एकादशी के साथ शुभ कार्यों का दोबारा शुभारंभ होगा। आचार्य श्याम पांडेय ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ग्रह को विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों का कारक माना जाता है। जब यह ग्रह अस्त होता है तो शुभ कार्य करना वर्जित हो जाता है। उन्होंने बताया कि ग्रहों की स्थिति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। गुरु के अस्त होने से विवाह संबंधों में बाधाएं आ सकती हैं और वैवाहिक जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए धर्मशास्त्र...