मथुरा, दिसम्बर 9 -- मथुरा जनपद के पंचायत राज विभाग में विचित्र मामला देखने को मिला। जिसमें पिछले आठ दस वर्षों में दो ग्राम पंचायत सचिव और पांच प्रधानों ने लाखों रुपये का घपला किया। जिसको जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के द्वारा आडिट में पकड़ा गया। जिसके इसी दौरान दोनों ग्राम पंचायत अधिकारियों की मृत्यु हो गई। अब सचिव वित्त विभाग के शासनादेश का हवाला देते हुए पंचायत राज विभाग को कर्मचारी की मृत्यु होने की दशा में विभागीय व न्यायिक कार्यवाही समाप्त समझी जाए गो आधार पर पंचायत राज विभाग ने वसूली की कार्रवाई उक्त मृतक पंचायत सचिवों से समाप्त कर दी गई। जिला लेखा परीक्षक को मांट ब्लाक की ग्राम पंचायत डांगौली में वर्ष 2015-16 में 7 लाख 12 हजार 633 रुपये पंचायत सचिव महिपाल सिंह, नौहझील ब्लाक की ग्राम पंचायत अहमदपुर में वर्ष 2014-15,से वर्ष 2017-18 तक च...