उन्नाव, जनवरी 16 -- उन्नाव। अफसरों की कृपादृष्टि से विजिलेंस टीम का हिस्सा बना अवर अभियंता शिवेन्द्र तमाम शिकायतों के बाद हटा दिया गया है। दोषमुक्त न होने के बाद भी उसे बहाल करके विजिलेंस का चार्ज दे दिया गया था। उसमें उच्चाधिकारियों के अनुमोदन की जरूरत भी न समझी गई। जबकि विजिलेंस टीम का हिस्सा बनाने के लिए एमडी से अनुमोदन लेना अनिवार्य है। अब विजलेंस से हटने के बाद फिर उसे जिस क्षेत्र से सस्पेंड किया गया था वहीं भेज दिया गया। बिजली निगम की एक टीम विजिलेंस के रूप में काम करती है। बिजली चोरी रोकने में विशेष योगदान होता है। इसमें पुलिस विभाग के एक प्रभारी निरीक्षक पांच सिपाहियों के अलावा एक अवर अभियंता की तैनाती होती है। नियम के अनुसार तैनाती के पहले अनुमोदन के लिए एमडी व मुख्य अभियंता की स्वीकृति जरूरी होती है। साथ ही एक वर्ष कार्यकाल की स...
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