मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 8 -- मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता अब तक करछुल-छोलनी पकड़ने वाली महिलाओं ने जब कलम पकड़ा और पहली बार परीक्षा दी तो उनमें उत्साह के साथ आत्मविश्वास भी दिखाई दिया। महिलाओं का कहना कि पहले अंगूठा लती थीं, अब हस्ताक्षर कर रहीं हूं तो लगता है कि एक पहचान मिली है। रविवार को जिले के अलग-अलग केन्द्रों पर यह तस्वीर दिखी, यहां महिलाएं बुनियादी साक्षरता परीक्षा के माध्यम से अपनी साक्षरता के साथ वर्षों पहले टूटे सपनों को भी जीने की कोशिश करती दिखीं। किसी ने बच्चे को गोद में लेकर परीक्षा दी तो किसी केन्द्र पर मां-बेटी से लेकर सास-बहू ने हस्ताक्षर करने का अपना सपना पूरा किया। बुनियादी साक्षरता परीक्षा जिले में 330 केन्द्रों पर हुई। इसमें 22294 महिलाएं शामिल हुईं। शहरी क्षेत्र के तीन केन्द्र पर एक भी महिला परीक्षा दने नहीं पहुंची। अक्...