हाथरस, नवम्बर 3 -- हाथरस,कार्यालय हाथरस। शहर के रमनपुर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता का घर का चिराग सोमवार को हमेशा हमेशा के लिए बुझ गया। पांच साल पहले अचानक किडनी खराब हुई तो पहले नानी ने किडनी दी। वर्ष 2023 में पिता ने किडनी,लेकिन फिर भी उसकी जान नहीं बच सकी। रमनपुर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता विशम्वर सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड टूटा है। उन्होंने अपने बेटे को जिंदगी देने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया। आशीष करीब बारह साल का था तो उसकी तवियत खराब हुई। उस समय पता चला कि आशीष की किड़नी में दिक्कत है। लिहाजा आशीष की नानी ने वर्ष 2020 में अपने धेवती को बचाने के लिए अपनी कडनी दे दी। उसके बाद आशीष ठीक हो गया और खेलने कूदने लगा। मानों के परिवार की खुशिया वापस लौट आई। मगर दो साल बाद अचानक विशम्वर सिंह की धर्मपत्नी का निधन हो गया। परिवार के लोग आज भी...