नई दिल्ली, जनवरी 29 -- पीएफआरडीए ने NPS स्वास्थ्य पेंशन योजना को एक अलग स्वास्थ्य आधारित योजना के रूप में तैयार किया है। असल में इसका मकसद यह है कि रिटायरमेंट से पहले या बाद में जब भी इलाज के लिए जरूरत पड़े, अंशधारक को कर्ज लेने, बीमा क्लेम के चक्कर या रिश्तेदारों पर निर्भर न रहना पड़े। इस योजना के जरिये वह अपने ही पेंशन फंड से इलाज का खर्च निकाल सकता है। इस योजना में कोई भी अपनी मर्जी से शामिल हो सकता है। इसकी शर्त बस इतनी है कि उसके पास पहले से एनपीएस का खाता होना चाहिए। वैसे सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के कर्मचारी, स्वरोजगार करने वाले लोग और रिटायरमेंट की योजना बना रहे निवेशक सब इसके दायरे में आते हैं। इसमें योगदान की राशि भी अंशधारक अपनी क्षमता के अनुसार तय कर सकता है, ठीक वैसे ही जैसे सामान्य एनपीएस में किया जाता है। इलाज के लिए पैस...
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