अलीगढ़, फरवरी 15 -- दादों (अलीगढ़), सिटी। 65 साल पहले डकैतों के चंगुल से 15 वर्ष की रामश्री को छुड़ाकर उसे अपनाने वाले सोहनलाल यादव अपने क्षेत्र में पहलवानी के काफी चर्चे थे। कासगंज के गांव बीनपुरा निवासी सोहन लाल कुश्ती के क्षेत्र में उनकी आसपास में ख्याति थी। साल 1961 में जब उन्होंने हरदोई से अपहरण कर लाई गई रामश्री को अपने गांव के पास डकैतों के चंगुल से छुड़ाया था। इसके बाद उनसे बदमाशों का गिरोह रंजिश मानने लगा और उन पर दो बार जानलेवा हमले का प्रयास किया था। इसके बाद वह दादों के गांव समैना ततारपुर में अपनी बहनों के यहां बस गए और यहां पर जीवन यापन करने लगे। 25 साल पहले उनका निधन हो गया है। गांव में रामश्री को शांति कहकर बुलाते हैं समैना ततारपुर आकर सोहनलाल ने रामश्री के साथ अपनी गृहस्थी शुरू की और रामश्री से उसका नाम शांति हो गया। यहां ...
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