वाशिंगटन, जनवरी 15 -- अमेरिका के विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (FARA) के तहत सामने आई जानकारियों से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने वॉशिंगटन में सक्रिय लॉबिंग फर्मों के माध्यम से अमेरिकी प्रशासन और सांसदों पर दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि उसे वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की ग्रे सूची में दोबारा शामिल होने से रोका जा सके। पाकिस्तान को लंबे समय से अवैध धन प्रवाह और आतंक वित्तपोषण के मामलों में सवालों का सामना करना पड़ रहा है। FATF की प्रस्तावित बैठक अगले महीने होने वाली है, जिसमें सदस्य देशों द्वारा इस बात की गहन समीक्षा की जाएगी कि क्या पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों को धन मुहैया कराने पर पर्याप्त लगाम लगाई है या नहीं।पहलगाम हमले के बाद तेज हुई लॉबिंग FARA में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, Javelin Advisors LLC को अप्रैल में पाकिस्तान का प्रतिनिध...