नई दिल्ली, मई 7 -- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में धर्म पूछकर 26 पर्यटकों को मार डाला गया था। इस खौफनाक आतंकी हमले में शामिल दहशतगर्दों ने पुरुषों को मार डाला था और उनकी पत्नियों, बहनों और बेटियों को छोड़ दिया था। यही नहीं मौके पर अपने पति को मरा देखकर आपा खो बैठी एक महिला ने आतंकी से खुद को भी मारने के लिए कहा था। इस पर आतंकियों ने कहा था कि हम तुम्हें नहीं मारेंगे, मोदी को जाकर बता देना। दरअसल आतंकियों ने सिर्फ पुरुषों को मारकर एक संदेश देने की कोशिश की थी। वह यह कि महिलाओं को छोड़ दिया जाए और उनके सामने ही उनके परिजनों का कत्ल किया जाए ताकि जिंदगी भर वे दुखी रहें। अब भारत ने जिस तरह से आतंकियों को टारगेट करके पीओके और पाकिस्तानी पंजाब स्थित 9 ठिकाने पर हमले किए हैं, वह अहम है। इन हमलों के बाद भारत ने दो मह...
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