बागपत, जून 24 -- धूप और उसके बाद भीषण उमस। मौसम का यह मिजाज लोगों पर भारी पड़ रहा है। लगातार पसीने से त्वचा बीमार पड़ रही है। साथ में सांस संबंधी दिक्कतें भी बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सबसे ज्यादा यही मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार हवा में नमी की अत्यधिक मौजूदगी से उमस पैदा होती है। यह सांस की नलियों को सिकोड़कर वायुमार्ग को संकुचित कर देती हैं। इससे सांस लेने में दिक्कत शुरू हो जाती है। उमस से एलर्जी और जलन पैदा करने वाले तत्व भी बढ़ जाते हैं। इससे अस्थमा के दौरे पड़ सकते हैं, सांस की परेशानी होने लगती है। इन दिनों उमस का अधिकतम प्रतिशत 90 तक जा रहा है। इसलिए दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। दमा, अस्थमा, सांस, सीओपीडी के पुराने मरीजों को यह मौसम ट्रिगर कर सकता है। ऐसे मौसम में बैक्टीरिया और वायरस भी पनपते हैं जो सांस संबंधी...
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