समस्तीपुर, दिसम्बर 20 -- कृषि को लाभकारी बनाना बड़ी चुनौति है। इसके लिए कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देना समय की मांग है। यह ग्रामीण आजीविका के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख श्रोत है। राज्य की कुल आबादी का करीब 35 प्रतिशत किसान इससे जुड़े है। बदलते समय में सरकार भी इस क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है। लेकिन समुचित देखभाल के साथ उसका विस्तार पशुपालको की बड़ी समस्याओं में शामिल है। इसमें पशु चिकित्सकों की कमी मुख्य समस्याओं में शुमार है। लोग अब भी ग्रामीण चिकित्सको के भरोसे पशुपालन करने को मजबूर हैं। जो आम पशुपालको के लिए बड़ी समस्या है। इसके अलावा पशु चारा, पशुपालन का विस्तार, डेयरी उधोग जैसे कई कार्य अब भी आकार नहीं ले पा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो अकेले समस्तीपुर जिले में कुल 38 पशु अस्पताल ह...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.