विकासनगर, नवम्बर 28 -- पशु चिकित्सा विभाग की ओर से शुक्रवार को केदारावाला में आयोजित पशु प्रदर्शनी में किसानों को सहायक व्यवसाय के तौर पर पशुपालन को अपनाने की सलाह दी गई। पशुपालकों को विभाग की ओर से संचालित योजनाओं, पशुओं के टीकाकरण, उनमें होने वाले रोगों के लक्षण और निदान की जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न वर्गों में स्वस्थ और तंदुरुस्त पशुओं के लिए पशुपालकों को सम्मानित किया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश जोशी ने कहा कि सदियों से किसान और पशुओं का साथ रहा है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में तकनीकी का विकास होने से खेतों में भी मशीनों का प्रयोग अधिक होने लगा है। लिहाजा अब किसान पशुपालन की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पशुपालन से किसानों के मोहभंग के चलते जैविक खेती से उत्पादन भी कम हुआ है। उन्होंने किसानों को पशुपालन अपनाने पर जोर देते हुए क...