गंगापार, नवम्बर 30 -- धान कटने के बाद गेहूं की बोआई के लिए खेतों का पलेवा करने के लिए किसान नहरों में पानी छोड़े जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उपरौध राजबहा की सौ किमी लंबी नहरों में धूल उड़ने से किसान चिंतित हैं। ज्यादातर नहरों की सिंचाई विभाग अब सफाई करवा रहा है। मांडा क्षेत्र के दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र में बसे उपरौध कहे जाने वाले लगभग डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतों में खेतों की सिंचाई का एकमात्र साधन उपरौध राजबहा की नहरें ही हैं। इस समय धान की बरसात से नष्ट फसल से खेत लगभग खाली हो चुके हैं। गेहूं की बोआई के लिए किसान परेशान हैं, लेकिन नहरों में पानी न आने से किसान चाहकर भी खेतों का पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। उपरौध राजबहा के मझिगवां माइनर की साफ सफाई सिंचाई विभाग द्वारा रविवार को शुरू कराया गया, जबकि नहरों के साफ सफाई का काम सितंबर में ही...
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