पलामू, दिसम्बर 17 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू जिले में थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट की दिशा में ठोस कदम उठाने की पहल तेज कर दी गई है। पलामू जिले में थैलेसीमिया के 116 मरीज है। इस कड़ी में 27 दिसंबर को आईएमए हॉल, मेदिनीनगर में विशेष एचएलए मैचिंग शिविर का आयोजन किया जाएगा। पलामू सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही इन गंभीर आनुवंशिक बीमारियों का स्थायी इलाज है और एचएलए मैचिंग इसकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। शिविर के माध्यम से बच्चों के उपयुक्त डोनर की पहचान की जाएगी, जिससे आगे चलकर सफल ट्रांसप्लांट का रास्ता खुलेगा। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि पलामू समेत पूरे झारखंड में बड़ी संख्या में बच्चे थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित हैं, जिन्हें जीवनभ...