पलामू, सितम्बर 14 -- जिला केंद्रीय पुस्तकालय में पलामू से संबंधित रचनाओं का विशेष कॉर्नर को समृद्ध किया जाना चाहिए। साथ की रचनाकारों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। पुराने रचनाओं का संरक्षण के साथ-साथ नए रचनाकारों को विशेष प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। स्थानीय रचनाकारों की पुस्तकों को स्कूलों में पुस्तकालयों में जगह मिलनी चाहिए। इससे हिन्दी को काफी समृद्धि प्राप्त हो सकती है। पलामू में साहित्य साधना में वर्तमान में भी काफी रचनाकार तल्लीन हैं।
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