मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 7 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। पर्वतारोही लेखक शेखर पाठक ने उत्तराखंड के हर गांव को जाना और जो भी हासिल किया, उसे समाज को वापस कर दिया। उनकी 'हिमांक से क्वथनांक' पुस्तक की खासियत है कि वह अपने साथ चलने को मजबूर कर देती है। यह पुस्तक केवल यात्रा नहीं, सामाजिक और आर्थिक यात्रा के अतीत को भी बतलाता है। ये बातें रविवार को अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति सम्मान समारोह में मुख्य वक्ता डॉ. कौशल कुमार मधुकर ने कही। इस वर्ष का अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति सम्मान रविवार को पूर्वी कुमाऊं के गंगोलीहाट निवासी पर्वतारोही लेखक शेखर पाठक को दिया गया। मिठनपुरा स्थित एक होटल में आयोजित समारोह में सम्मान समिति ने शेखर पाठक को मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र सहित 21 हजार की सम्मान राशि प्रदान की। उन्हें यह सम्मान उनकी पुस्तक 'हिमांक और क्वथनांक' के...
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