उन्नाव, नवम्बर 11 -- बांगरमऊ। नबोधेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भागवताचार्य पंडित रामदेव शास्त्री ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा का सरस वर्णन किया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया और एक पुरातन कथा का भी वर्णन किया। बताया कि वृक्षों ने पराप्राचेतस दक्ष का विवाह अपनी कन्या वार्क्षी से किया और सनातन संस्कृति के अनुसार दहेज में अपने फल-फूल-गोंद एवं लकड़ी रूपी हड्डियों को देने का संकल्प किया। किंतु एक शर्त भी रखी कि व्यर्थ में हमारे वंश को काटा- पीटा न जाए। दूसरी शर्त यह थी कि पाणिग्रहण के बाद 21 वृक्षों के लगाने का भी संकल्प लेना होगा। दक्ष ने दोनों शर्तें स्वीकार कर पूछा कि कौन-कौन से वृक्ष रोपित करना होगा। कन्या के पिता ने उत्तर दिया कि एक पीपल, एक नीम, दस इमली, एक कैथा, एक जामुन, तीन आंवला और पांच आम ...
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