जौनपुर, दिसम्बर 15 -- सिकरारा। फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत मोबिलाइजेशन ऑफ कॉलेज स्टूडेंट कार्यक्रम के तहत राहुल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कलवारी शेरवा में रविवार को छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान निबंध, स्लोगन, पोस्टर एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे अपने परिजनों और आसपास के किसानों को पराली जलाने के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए इसके वैकल्पिक एवं लाभकारी उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे। विशेषज्ञों ने बताया कि धान कटाई के बाद खेतों में बची पराली में प्रति टन लगभग 5.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 2.5 किलोग्राम फास्फोरस, 23 किलोग्राम पोटाश तथा 400-600 किलोग्राम जैविक कार्बन पाया जाता है। पराली को भूमि में मिलाने से मृदा की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों की आवश्य...