अररिया, फरवरी 12 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। जहां सरकार पर्यावरण नियंत्रण की दिशा में एक से एक सकारात्मक कदम उठा रही है वहीं स्थानीय शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक और थर्माकोल का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। जानकार बताते हैं कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत बिहार सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद शहर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। प्रशासन की छिटपुट कार्रवाई इस पर्यावरण विरोधी गोरखधंधे पर प्रभावी अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। प्रसिद्ध पर्यावरणविद व डॉफिन मेन सुदन सहाय कहते हैं कि थर्माकोल और सिंगल यूज प्लास्टिक न तो जल्द नष्ट होते हैं और न ही पर्यावरण के अनुकूल हैं। इनके कारण मिट्टी, जल और वा...
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