वाराणसी, दिसम्बर 13 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। गंगा किनारे बसे टेंट सिटी मामले में शुक्रवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में सुनवाई हुई। करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने पक्ष रखे। दोनों का पक्ष सुनने के बाद एनजीटी ने टेंट सिटी कंपनी के अधिवक्ता से कहा कि पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि जमा कराएं अथवा एनजीटी स्वयं इसका पुनर्निर्धारण करेगा। क्योंकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लगाई गई जुर्माना राशि बेहद कम है। एनजीटी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरीके से पर्यावरण को नुकसान पहुंचया गया है, उस हिसाब से जुर्माना बेहद कम है। एनजीटी ने इस मामले में अंतिम फैसला सुरक्षित रख लिया है। लल्लू जी ऐंड संस ने कटेसर में बनाई गई टेंट सिटी निरान में 2023 में 120 टेंट और प्रवेग कम्युनिकेशन इंडिया लिमिटेड की ओर से 140 टेंट लगाए गए ...