अहमदाबाद। हिन्दुस्तान टाइम्स, अप्रैल 2 -- गुजरात हाईकोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों के दौरान तीन ब्रिटिश नागरिकों और उनके भारतीय ड्राइवर की हत्या के आरोपी छह लोगों को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट ने सत्र अदालत के 2015 के फैसले की पुष्टि की है जिसमें कहा गया था कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्य दोषसिद्धि के लिए अपर्याप्त हैं। जस्टिस ए.वाई. कोगजे और जस्टिस समीर जे. दवे की पीठ ने फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष, सईद सफीक दाऊद, सकील अब्दुल हई दाऊद, मोहम्मद असवर और यूसुफ सुलेमान पेरागर की हत्या के आरोपी आरोपियों के खिलाफ कानूनी रूप से ठोस मामला स्थापित करने में विफल रहा है। इन आरोपियों पर 28 फरवरी, 2002 को उनके वाहन पर भीड़ द्वारा हमला कर हत्या करने का आरोप है। स्कूल टीचर मीठाभाई और किसान रमेशभाई सहित छह आरोपियों पर हत्या, हत्या का प्रयास,...
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