गया, फरवरी 2 -- मांझीयावा पंचायत के मांझीयावा गांव में सोमवार को वर्षों से चली आ रही ब्राह्मण व्यवस्था के तहत होने वाले मृत्युभोज (तेरहवीं भोज) का सामूहिक रूप से बहिष्कार किया गया। मृत्युभोज बहिष्कार कार्यक्रम का आयोजन बिहार पुलिस में कार्यरत शिवबचन दास के नेतृत्व में किया गया। शिवबचन दास ने कहा कि मृत्युभोज समाज की पुरानी परंपरा है। इसे लोग लंबे समय से निभाते आ रहे हैं। हालांकि अब समय आ गया है कि लोग पुरानी और बोझिल कुरीतियों को छोड़कर तार्किक सोच की ओर बढ़ें। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मृत्युभोज अक्सर सामाजिक दबाव के कारण किया जाता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद परिवार को कर्ज लेकर पूरे गांव को भोज देना पड़ता है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लेते हुए कहा कि मृत्युभोज का बहिष्कार से न केवल आर्थिक बचत करेगा, बल्कि शोक संतप...