सुपौल, मार्च 13 -- किशनपुर, एक संवाददाता। सरकार द्वारा कृषि कार्य के लिए सस्ते दर पर बिजली उपलब्ध कराकर खेतों तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने की घोषणा भले ही की गई है, लेकिन सालों बाद भी क्षेत्र के सैकड़ों हेक्टेयर खेतों तक बिजली नहीं पहुंचने से महंगे लागत पर पम्पसेट से किसान खेती करने को विवश हैं। प्रखंड क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में किसान पटवन को लेकर परेशान हैं। आज तक शिविर लगाकर किसानों को खेती के लिए बिजली कनेक्शन नहीं मिला है। पिछले दो साल से घरेलू बिजली ट्रांसफॉर्मर से खेतों तक तार खिंचकर किसान पटवन करने को विवश हैं। कई जगह झूलते तार हादसे को आमंत्रित कर रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारी इस दिशा में उदासीन बने हैं। खेतों तक तार-पोल नहीं पहुंचने से किसान जैसे-तैसे बांस के सहारे तार खिंच कर खेत तक ले गए हैं। यह खुलेआम मौत को आमंत्रण देने के सम...
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