मेरठ, सितम्बर 12 -- ऑनलाइन परीक्षा में जालसाजी के आरोप में सीबीआई विशेष अदालत ने पांच लोगों को तीन-तीन साल कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर 2.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। भारतीय स्टेट बैंक, केंद्रीय भर्ती एवं पदोन्नति विभाग, कार्पोरेट सेंटर, मुंबई ने जुलाई-अगस्त 2014 में विभिन्न तिथियों पर क्लेरिकल कैडर में सहायकों की भर्ती को ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की थी। गुरमीत सिंह देवल, विपिन और सुरेश चंद्र सैनी ने एसबीआई क्लेरिकल कैडर में सहायक पद के लिए 26 जुलाई, 27 जुलाई 2014 और 23 अगस्त 2014 को ऑनलाइन परीक्षा दी। यह एमआइईटी, मेरठ में हुई। तीनों के स्थान पर अलग-अलग दिन तरुण उप्पल ने परीक्षा दी। इसके लिए तीनों अभ्यर्थियों से तरुण उप्पल और संजीव ने 6.50 लाख रुपये लिए थे। शिकायत के बाद सीबीआई ने जांच कर 30 मार्च 2016 को अदालत में आरोप पत्र ...
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