नोएडा, अप्रैल 25 -- ग्रेटर नोएडा। रुपल राठी यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा छोड़ने वाले पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही। इसके बावजूद सरकारी तंत्र कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। पिछले सात वर्षों के आंकड़े पर नजर डालें तो हर वर्ष औसतन दो हजार छात्र पंजीकरण के बाद बिना कारण बताए परीक्षा से वंचित रहते हैं। इससे जिले का परिणाम बदल रहा है। कोरोना महामारी के बाद परीक्षा छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में तेजी आई है। वर्ष 2020 के बाद से लगातार छात्र परीक्षा से मुंह फेर रहे। हालांकि, अब कोरोना का खतरा नहीं हैं। इसके बावजूद भी लगातार छात्र दसवीं और 12वीं कक्षा में प्रवेश के बाद बीच में पढ़ाई छोड़ रहे। इसका कारण यहां के शिक्षकों को भी समझ नहीं आ रहा। पूर्व में शासन स्तर से भी शिक्षा विभाग को सर्वे कर इसके कारण जा...
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